एक स्कूल से शुरू हुई बात
2016 में हमने बाराबंकी के एक गाँव में सिर्फ़ 12 बच्चों के साथ एक छोटी शाम की पाठशाला शुरू की थी, क्योंकि आस-पास कोई स्कूल नहीं था। धीरे-धीरे माँ-बहनों ने भी पूछा — "हमारे लिए भी कुछ सिखाइए।" वहीं से महिलाओं के लिए सिलाई की पहली क्लास शुरू हुई।
आज माँ ॐ राम उत्तर प्रदेश के 25 गाँवों में काम करता है — बच्चों को पढ़ाई से जोड़ता है, महिलाओं को हुनर सिखाता है, और परिवारों को सेहत की जानकारी देता है। हमारा मानना है: बदलाव छोटे कदमों से आता है, पर उसका असर पूरी पीढ़ी बदल देता है।
हमारा मिशन
हर बच्चे को शिक्षा और हर महिला को सम्मान के साथ आत्मनिर्भर जीवन देना।
हमारा सपना
एक ऐसा भारत जहाँ गाँव की गरीबी किसी बच्चे की पढ़ाई या किसी महिला के सपने को न रोके।
छोटे कदम, बड़ा असर
पहली शाम की पाठशाला
बाराबंकी के एक गाँव में 12 बच्चों के साथ शुरुआत।
महिला सिलाई केंद्र शुरू
पहला हुनर प्रशिक्षण केंद्र, 40 महिलाओं ने भाग लिया।
10 गाँवों तक विस्तार
स्वास्थ्य शिविर और पोषण कार्यक्रम भी जोड़े गए।
25 गाँव, 1,500+ परिवार
आज हम उत्तर प्रदेश के 25 गाँवों में सक्रिय हैं।
ज़मीन से जुड़े लोग, जो असल बदलाव लाते हैं
रीना शर्मा
संस्थापक व निदेशक
अजय वर्मा
कार्यक्रम प्रबंधक, शिक्षा
पूजा यादव
प्रशिक्षक, महिला सशक्तिकरण
आपका दान कहाँ जाता है — पूरा हिसाब
हम मानते हैं कि हर दानदाता को यह जानने का हक़ है कि उसका पैसा कैसे खर्च होता है।
100 रुपये के दान का उपयोग
हर साल का ऑडिट किया हुआ हिसाब-किताब सभी दानदाताओं को ईमेल से भेजा जाता है और अनुरोध पर उपलब्ध है।